रामानुजगंज में मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम स्वरूप देने में जुटा बंगाली मूर्तिकारों का परिवार पीढ़ियों से कर रहे मूर्तियों का व्यवसाय..
बलरामपुर मनोज तिवारी – रामानुजगंज में सरस्वती पूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी है मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम स्वरूप देने में जुटे हुए हैं. इस बार 14 फरवरी को बसंत पंचमी यानी सरस्वती पूजा का त्यौहार मनाया जाएगा.
सरस्वती के लिए मूर्तियां बनाने में जुटे मूर्तिकार
सरस्वती पूजा की तैयारियां अब शुरू हो चुकी है. रामानुजगंज के केरवाशीला गांव में रहने वाले मूर्तिकार मां सरस्वती की छोटी-बड़ी सभी तरह की मूर्तियां बना रहे हैं. मूर्तियों की कीमत एक हजार से लेकर बीस हजार रुपए तक है मूर्तियों के आकार और डिजाइन के मुताबिक ही दाम तय किए गए हैं.
बंगाली मूर्तिकारों का परिवार पीढ़ियों से कर रहे मूर्तियां बनाकर बेचने का व्यवसाय
रामानुजगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बांग्लादेश से आए हुए मूर्तिकारों के परिवार रहते हैं जो पिछले कई पीढ़ियों से मूर्तियां बनाकर बेचने का व्यवसाय कर रहे हैं. इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण भी कर रहे हैं. दुर्गा पूजा गणेश पूजा काली पूजा सभी में मूर्तियां बनाकर बेचते हैं.
फोटो और डिजाइन के आधार पर बनाई जा रही मूर्तिया
रामानुजगंज में मूर्तिकारों के द्वारा डिमांड के मुताबिक छोटी-बड़ी सभी तरह की मूर्तियां बनाई जा रही है फोटो या फिर डिजाइन के आधार पर भी ऑर्डर मिलने पर मूर्तियां तैयार किया जा रहा है. मूर्तिकारों का पूरा परिवार इसी काम में लगे हुए हैं. परिवार के सभी सदस्य अपने पूर्वजों की कला के विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं.
प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी से बन रही मूर्तियां
मूर्तिकार प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी की मूर्तियां बना रहे हैं. प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के निर्माण एवं विसर्जन से पर्यावरण को नुकसान होता है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के माध्यम से मूर्तिकारों को मिट्टी की मूर्तियां बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.