सौर सुजला योजना से सिंचाई बनी सरल, किसान ले रहे दोहरी फसल

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किसानों को आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करनेे के उद्देश्य से सौर सुजला योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना से सोलर पम्प प्रदान कर किसानों को सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। जहां कभी बारिश पर आश्रित खेती, किसानों की आजीविका का एक मात्र सहारा हुआ करती थी वहां सौर सुजला योजना के अंतर्गत किसान दोहरी फसल ले रहे है।
जिले में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में योजना का सुचारू रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना से लाभ लेकर दो से अधिक फसलों तथा साग-सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। जिससे उनके आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम साहपुर के किसान श्री विनय खलखो बताते हैं कि उनके पास 1.5 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। जिस पर उन्होंने नलकूप खनन के उपरांत क्रेडा विभाग के सहयोग से सिंचाई के लिए सोलर पम्प लगवाया था। वर्तमान में श्री खलखो द्वारा धान एवं साग-सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर पम्प के लग जाने के बाद दोहरी फसल का लाभ ले रहे हैं। जिससे उनकी आय में इजाफा हुआ है।
विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम भनौरा के किसान श्री कृष्णा सिंह द्वारा में 03 एचपी क्षमता के सोलर पम्प लगवाया गया। उनके पास लगभग 1 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। सोलर पम्प लगने से मौसम अनुसार धान के खेती के साथ साग-सब्जी की खेती करते हैं। जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

*किसान ले रहे दोहरी फसल का लाभ*
जिले के ऐसे किसान जो वर्षा जल आधारित कृषि करते थे उन्हें वर्षा की लेट-लतीफी होने से भारी नुकसान उठाना पड़ता था तो वहीं पानी की दिक्कतों से किसान रबी फसल नहीं ले पाते थे, लिहाजा दोनों फसलों में आर्थिक नुकसान की आशंका किसानों को बनी रहती है। इसी समस्या को देखते हुए शासन द्वारा सौर सुजला योजना प्रारंभ किया गया। सौर सुजला योजना से आज जिले के किसान रबी एवं खरीफ फसलों के साथ-साथ साग-सब्जियों का उत्पादन बिना परेशानी के कर रहे हैं। सौर सुजला योजना से पानी की समस्या खत्म होने से सभी प्रकार के कृषि, सब्जी उत्पादन के साथ अन्य कार्य सुचारू तरीके से किया जा रहा है। किसान धान के साथ सब्जी फसल भी ले रहे है, जिससे उन्हें अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है।
विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम दोहना की किसान श्रीमती तैनू पैकरा ने बताया कि पहले खरीफ की फसल आसानी से हो जाती थी, लेकिन पानी की समस्या के कारण रबी की फसल लेने में दिक्कत होती थी। ऐन वक्त में बिजली की समस्या भी आ जाती थी, लेकिन अब सौलर पम्प लगने से बिजली और बिल दोनों की समस्या खत्म हो गई। अब वे खरीफ और रबी दोनों फसल को बड़ी आसानी से ले पा रहे है और इससे उनकी आमदनी बढ़ी है।

*सोलर पम्प लगवाने हेतु कैसे करें आवेदन*
वर्तमान में सौर सुजला योजनान्तर्गत 2024-25 में जिले को 290 पम्प लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिस हेतु इच्छुक कृषक अपना आधार कार्ड, भूमि का खसरा, रकबा एवं कार्य स्थल का सत्यापित नक्शा, जाति प्रमाण पत्र की छायाप्रति तथा आवेदन शुल्क का डिमांड ड्राफ्ट (पम्प अनुसार) 03 एचपी के लिए 03 हजार एवं 05 एचपी के लिए 4800 रुपये एवं स्थापना स्थल के फोटोग्राफ्स, पासबुक की छायाप्रति के साथ अपने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, क्रेडा या उप संचालक कृषि कार्यालय से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

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