30 लाख से अधिक के पंचायत घोटाले में तत्कालीन CEO गिरफ्तार, भेजा गया जेल

0 79

जनपद पंचायत वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में मुरुम मिट्टी, सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर करीब 30 लाख रुपये से अधिक की शासकीय राशि के गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में कई वर्षों से फरार तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत वाड्रफनगर श्रवण कुमार मरकाम उर्फ एस.के. मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामला पुलिस चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर अंतर्गत अपराध क्रमांक 50/2020 धारा 467, 468, 420, 409, 34 ता.हि. के तहत दर्ज है।
फर्जी बिल और कूटरचित दस्तावेजों से हुआ गबन
पुलिस के अनुसार ग्राम पंचायत तुगंवा, गुडरू, जमई और पेण्डारी में मुरुम मिट्टी, सड़क, सह-पुलिया, तटबंध एवं डब्ल्यूबीएम निर्माण के नाम पर फर्जी बिल एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि की हेराफेरी की गई थी। इस संबंध में वर्ष 2020 में तत्कालीन CEO जनपद पंचायत वाड्रफनगर द्वारा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने पर मामला दर्ज किया गया।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
प्रकरण में पहले ही अश्विनी कुमार तिवारी (कार्यक्रम अधिकारी, मनरेगा) सहित सप्लायर हरिहर यादव, कुजलाल साहू एवं रोजगार सहायक गिरीश यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान धारा 164 के तहत बयान दर्ज कर पूरक चालान न्यायालय में पेश किया गया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
विवेचना के दौरान आरोपी अश्विनी कुमार तिवारी ने अपने कथन में बताया कि उसने एस.के. मरकाम एवं अन्य के साथ मिलकर 30,02,449 रुपये का गबन किया। इसके बाद लंबे समय से फरार चल रहे तत्कालीन CEO श्रवण कुमार मरकाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके पश्चात उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.